अपडेट: 11 फरवरी 2026 | नई दिल्ली

12 फरवरी 2026, गुरुवार को देशभर में एक बड़े स्तर का राष्ट्रव्यापी हड़ताल (भारत बंद) आयोजित किया जा रहा है। इस बंद को कृषि, ग्रामीण और असंगठित क्षेत्र के मजदूर संगठनों का समर्थन प्राप्त है। ट्रेड यूनियनों का दावा है कि इस आंदोलन का असर देश के लगभग 600 जिलों में देखने को मिल सकता है।
कौन कर रहा है हड़ताल का आयोजन?
यह देशव्यापी हड़ताल 14 राष्ट्रीय ट्रेड यूनियनों के संयुक्त मंच द्वारा बुलाई गई है। इसके अलावा, केंद्र और राज्य सरकार के कर्मचारी, शिक्षकों के संगठन, सार्वजनिक उपक्रमों (PSUs) के कर्मचारी और विभिन्न स्वतंत्र यूनियनें भी इसमें शामिल हो रही हैं।
ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (AITUC) की ओर से बताया गया है कि इस बार लगभग 30 करोड़ श्रमिकों के भाग लेने की संभावना है। इससे पहले जुलाई 2025 में हुई हड़ताल में करीब 25 करोड़ लोगों ने भाग लिया था।
हड़ताल के मुख्य कारण
ट्रेड यूनियनों और किसान संगठनों ने कई मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ विरोध जताया है। प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं:
- चारों श्रम संहिताओं (Labour Codes) को वापस लिया जाए।
- मनरेगा (MGNREGS) को मजबूत करते हुए उसे पूर्व स्वरूप में बहाल किया जाए।
- सिविल सेवाओं को प्रभावित करने वाली नीतियों को वापस लिया जाए।
- पुरानी पेंशन योजना (OPS) को पुनः लागू किया जाए।
- राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 को वापस लिया जाए।
इसके अतिरिक्त, संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) ने भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते पर भी चिंता जताई है, उनका कहना है कि इससे किसानों को नुकसान हो सकता है।
किन राज्यों में ज्यादा असर?
यूनियन नेताओं के अनुसार, ओडिशा और असम में व्यापक बंद की स्थिति बन सकती है। इसके अलावा केरल, पश्चिम बंगाल और कुछ अन्य राज्यों में भी जनजीवन पर बड़ा प्रभाव पड़ने की आशंका है।
पिछले वर्ष की तुलना में इस बार अधिक जिलों में आंदोलन का प्रभाव देखने को मिल सकता है।
क्या रहेगा बंद, क्या रहेगा चालू?
🔹 बैंकिंग सेवाएं
सरकारी बैंकों की सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। कई बैंक कर्मचारी संगठनों ने इस हड़ताल का समर्थन किया है। शाखाएं बंद रह सकती हैं या सीमित सेवाएं उपलब्ध होंगी।
🔹 परिवहन व्यवस्था
कई क्षेत्रों में “चक्का जाम” की संभावना है। राज्य परिवहन बसें और ऑटो-रिक्शा सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।
हालांकि, ट्रेन और हवाई सेवाएं निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार चलने की उम्मीद है, लेकिन स्टेशन और एयरपोर्ट तक पहुंचने में दिक्कत हो सकती है।
🔹 बाजार और दुकानें
जहां यूनियनों का मजबूत प्रभाव है, वहां थोक और खुदरा बाजार बंद रह सकते हैं।
🔹 सरकारी दफ्तर
केंद्र और राज्य सरकार के कुछ कार्यालयों में कामकाज प्रभावित हो सकता है।
स्कूल और कॉलेजों पर क्या असर?
देशभर में शैक्षणिक संस्थानों के लिए कोई आधिकारिक अवकाश घोषित नहीं किया गया है।
हालांकि, केरल, ओडिशा और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर स्कूल और कॉलेज बंद रखे जा सकते हैं। अभिभावकों को संबंधित संस्थान से जानकारी लेने की सलाह दी जाती है।
आवश्यक सेवाएं रहेंगी जारी
निम्नलिखित सेवाओं को हड़ताल से मुक्त रखा गया है:
- अस्पताल और स्वास्थ्य सेवाएं
- एम्बुलेंस सेवा
- हवाई अड्डे
- मेडिकल स्टोर
- निजी कार्यालय
- एटीएम सेवाएं
यात्रियों और आम जनता के लिए सलाह
यदि आप 12 फरवरी को यात्रा या जरूरी कार्य की योजना बना रहे हैं, तो पहले स्थानीय स्थिति की जानकारी अवश्य लें। वैकल्पिक परिवहन व्यवस्था और समय से पहले निकलने की योजना बनाएं।
यह भारत बंद विभिन्न श्रमिक और किसान संगठनों द्वारा सरकार की नीतियों के विरोध में किया जा रहा है, जिसका असर देश के कई हिस्सों में देखने को मिल सकता है।